अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO का नाम लगभग तय, कल हो सकता है ऐलान; 5585 आवेदनों में से 3 नाम फाइनल

Ayodhya News Ram Mandir Janmabhoomi Trust

अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि परिसर में हुई बैठक के बाद CEO चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। कमेटी ने 5585 आवेदनों में से अंतिम तीन नामों का चयन किया है। अब 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इन तीन नामों पर मंथन के बाद एक नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।

राम मंदिर के निर्माण के बाद अब इसके व्यापक प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए CEO का पद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रस्ट ने इसी उद्देश्य से योग्य और अनुभवी व्यक्ति की तलाश के लिए सर्च कमेटी का गठन किया था।

5585 आवेदनों से शुरू हुई थी प्रक्रिया

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी महाराज ने बताया कि CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। कुल 5585 लोगों ने आवेदन किया। इसके बाद आवेदनों की कई स्तरों पर स्क्रीनिंग की गई। सर्च कमेटी ने आवेदकों की योग्यता और निर्धारित मानकों के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की। आवेदन प्रक्रिया के अगले चरण में उम्मीदवारों से गूगल फॉर्म के माध्यम से जानकारी मांगी गई। कुल 3577 आवेदकों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया। गूगल फॉर्म के लिए 600 अंक निर्धारित किए गए थे। कमेटी ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए योग्य माना। इस प्रक्रिया में केवल 108 उम्मीदवार आगे की दौड़ में पहुंच सके।

वर्चुअल बातचीत के बाद इंटरव्यू

स्क्रीनिंग के बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। 108 उम्मीदवारों के साथ वर्चुअल माध्यम से चार दिनों तक बातचीत की गई। इस चरण के बाद 17 उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। हालांकि निर्धारित 17 अभ्यर्थियों में से केवल 16 ही इंटरव्यू के लिए पहुंचे। इन उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और CEO पद के लिए उनकी उपयुक्तता को परखा गया। लंबी प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने अंतिम तीन नामों का चयन किया। अब यही तीन नाम ट्रस्ट के सामने हैं और अंतिम फैसला ट्रस्ट को करना है।

8 अगस्त को मिली थी जिम्मेदारी

सर्च कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने बताया कि कमेटी को CEO चयन की जिम्मेदारी 8 अगस्त को मिली थी। इसके बाद 11 अगस्त को कमेटी की पहली बैठक हुई। पहली बैठक में CEO पद के लिए आवश्यक मानक और योग्यताएं तय की गईं। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई। आवेदन मिलने के बाद उनकी स्क्रीनिंग, ग्रेडिंग और विभिन्न चरणों में मूल्यांकन किया गया। कमेटी ने पूरी प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के आधार पर आगे बढ़ाया और अंत में तीन नामों की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी।

अब ट्रस्ट करेगा अंतिम फैसला

सर्च कमेटी की भूमिका उम्मीदवारों में से उपयुक्त नामों की पहचान कर उनकी संस्तुति करने तक थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अब 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में तीनों नामों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में ट्रस्ट के सदस्य उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव समेत अन्य पहलुओं पर विचार कर सकते हैं। इसके बाद एक नाम पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है। यदि बैठक में सहमति बनती है तो राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के नाम की घोषणा भी की जा सकती है।

पारदर्शिता पर जोर

सर्च कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद कोहली ने बताया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया। आवेदन से लेकर स्क्रीनिंग और इंटरव्यू तक कई चरण रखे गए, ताकि बड़ी संख्या में आए आवेदनों में से सबसे योग्य उम्मीदवारों को चुना जा सके। 5585 आवेदनों से शुरू हुई दौड़ अब तीन नामों तक पहुंच चुकी है। अंतिम फैसला अब ट्रस्ट के हाथ में है। ऐसे में सभी की नजरें 2 सितंबर की बैठक पर टिकी हैं, जहां तय हो सकता है कि विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर के प्रशासनिक संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाला पहला CEO कौन होगा।

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